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13 July 2022

बैरसिया में नहाते समय खंती में डूबने से तीन बच्चियों की मौत

 भोपाल, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति  नरेन्द्र कुमार जैन ने मानव अधिकार हनन से जुड़े तीन मामलों में संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है। बैरसिया में नहाते समय खंती में डूबने से तीन बच्चियों की मौत आयोग ने कहा- कलेक्टर भोपाल एक माह में दें जवाब

 


भोपाल जिले के बैरसिया थाना क्षेत्र में बीते शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चियों की खंती में डूबने से मौत हो गई है। दो बच्चियां गांव की ही  है, जबकि एक अपने रिश्तेदार के यहां गांव आई थी। तीनों तीनों बच्च्यिां पादरी मोहल्ले को रहने वाली थी। तीनों बच्च्यिां परिवार को बताये बिना खंती में नहाने चली गई थीं। उनके शव बाहर निकल लिए गए हैं। तीनों की उम्र 11 से 13 साल के बीच है। लोगों का आरोप है कि अगर खंती में तार की फेन्सिग होती, तो बच्चियां पानी में नहीं पहुंच पाती और उनकी जान बच जाती। पुलिस के अनुसार पादरी टपरे में रहने वाली नकुशी पिता तमोना सिंह (13 वर्ष) रिया पिता जानू (12 वर्ष) एवं दीया पिता मच्छू (11 वर्ष) घर से कुछ ही दूरी पर बर्री छीडछेडा गांव में स्टेडियम के पीछे खंती में भरे पानी में नहाने पहुंची। तीनों बच्चियां किनारे में नहाने लगीं। इसी बीच वह गहरे पानी में डूब र्गइं। बैरसिया थाना प्रभारी ने बताया कि खंती 10 फीट गहरा पानी है। बच्चियों का घर घटना स्थल से आधा किलोमीटर दूर है। दोपहर को  किसी राहगीर ने पानी में एक बच्ची को उतरते देखा। उसने तुरंत ही पुलिस को सूचना दी, तब तक काफी देर हो चुकी थी। थोड़ी देर बाद पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीनों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, भोपाल से एक माह में जवाब मांगा है। साथ ही यह पूछा है कि क्या मृत बच्चियों के परिजनों को अनुग्रह राशि का भुगतान हो गया है ?


गुना में बिजली गिरने सें दो युवकों की मौत


आयोग ने कहा - कलेक्टर गुना एक माह में दें जवाब


गुना जिले के बमोरी में बीते शनिवार को कई जगह बिजली गिरने की घटना हुई। इससे बमोरी के मूदौंल में दो युवकों का की मौत हो गई। वहीं गुना के बूढ़े बालाजी क्षेत्र में एक परिवार के छह सदस्य घायल हो गए। कैंट स्थित पुलिसलाईन के दो दर्जन क्वाटर में बिजली के उपकरण जल गए। मूंदौल के राजू सहरिया और विजय सहरिया खेत में तार फेंसिंग कर रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश होने लगी। वे उससे बचने के लिए पेड़ नीचे खड़े हो गए, तभी बिजली गिरी। दोनों कई घंटों तक वहां पड़े रहे। इसी दौरान एक महिला ने उन्हें देखा और गांव जाकर बताया। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, गुना से एक माह में जबाव मांगा है। साथ ही यह पूछा है कि क्या मृतक के वारिसों को अनुग्रह राशि का भुगतान कर दिया गया है या नहीं ?


रैगिंग पर कार्रवाई नहीं, छात्र ने परीक्षा से पहले गटका जहर


आयोग ने कहा- एसपी और कृषि महाविद्यालय खण्डवा के रजिस्ट्रार तीन सप्ताह में दें जवाब


खण्डवा के कृषि महाविद्यालय में प्रथम वर्ष के एक छात्र ने बीते शुक्रवार को परीक्षा से ठीक पहले कीटनाशक पीकर अपनी जान देने की कोशिश की। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर आए, तो पता चला कि सीनियर्स की रैगिंग से वह बेहद परेशान था। उसने एक  सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें रैगिंग की मौखिक शिकायत पर कार्यवाही नहीं होने का जिक्र है। खबर लगते ही काॅलेज की डीन डाॅ. एसपी मिश्रा अस्पताल पहुंचे। वहीं कोतवाली पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने पुलिस अधीक्षक एवं कृषि महाविद्यालय, खण्डवा के रजिस्ट्रार  से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

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