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28 October 2022

इमरान खान का इस्लामाबाद मार्च:बोले- नवाज की तरह मुल्क नहीं छोड़ूंगा, ISI की पोल खोल दूंगा; भारत को सराहा

 


इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ( PTI) ने शुक्रवार को शाहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ लाहौर से इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च शुरू कर दिया। इसे हकीकी आजादी मार्च नाम दिया गया। खान का कहना है कि वो सियासी दौरे पर नहीं, बल्कि जिहाद के लिए निकले हैं।

इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री की कुर्सी गंवाने वाले खान ने फौज और खुफिया एजेंसी ISI को चैलेंज किया। कहा- मेरे सीने में इन लोगों के अनगिनत राज दफन हैं, लेकिन मुल्क की इज्जत बनी रहे। इसलिए चुप हूं। उन्होंने एक बार फिर भारत की विदेश नीति की तारीफ की। कहा- भारत अपने फैसलों में किसी दूसरे देश की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं करता।

लॉन्ग मार्च में क्या होगा
28 अक्टूबर से शुरू हुआ यह लॉन्ग मार्च 4 नवंबर को फेडरल कैपिटल इस्लामाबाद पहुंचेगा। प्लान के मुताबिक, इमरान हजारों समर्थकों के साथ यहां तब तक धरना देंगे, जब तक वजीर-ए-आजम शाहबाज शरीफ इस्तीफा नहीं दे देते। खास बात यह है कि मार्च ज्यादातर पंजाब प्रांत के शहरों से गुजरेगा, जहां इमरान की पार्टी की ही सरकार है। इमरान का दावा है कि शाहबाज सिर्फ 25 किलोमीटर के दायरे में ही प्रधानमंत्री हैं। इस्लामाबाद के बाहर उनको कोई नहीं पूछता।

इमरान दूसरी बार लॉन्ग मार्च निकाल रहे हैं। मई में भी वो सड़कों पर उतरे थे। तब उनके मार्च में एक हजार लोग भी शामिल नहीं हुए थे। खिसियाए इमरान ने तब उसे वापस ले लिया था। इस्लामाबाद में उनके समर्थकों ने काफी तोड़फोड़ की थी।

रूस से तेल खरीदने की इजाजत गुलाम पाकिस्तान को नहीं
लाहौर में इमरान ने कहा- भारत मर्जी से रूस से तेल खरीदता है, पाकिस्तानी गुलाम हैं। ये अपने देश के लोगों की भलाई के फैसले नहीं ले पाए। मुल्क के फैसले, मुल्क में ही लिए जाते हैं। अगर रूस सस्ता तेल दे रहा है और देशवासियों को बचाने का विकल्प हमारे पास है, तो हमें किसी से पूछना नहीं चाहिए। कोई दूसरा देश आकर हमें ये न बताए कि क्या करना चाहिए। भारत तो रूस से तेल ले सकता है, लेकिन गुलाम पाकिस्तानियों को इसकी इजाजत नहीं है।

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