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09 January 2023

कर्नाटक फार्मूले पर टिकी कांग्रेस की आस

भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस इस बार कर्नाटक का फार्मूला अपना सकती है। इस फार्मूले में सिटिंग एमएलए के साथ-साथ 3 से 5 हजार वोटों से हारने वाले प्रत्याशियों को भी विधानसभा चुनाव में टिकट देने की योजना है। दूसरी तरफ कर्नाटक की तरह ही मध्यप्रदेश में भी अप्रैल तक अधिकांश टिकट बांटने की योजना भी है।
कांग्रेस कुछ मामलों में भाजपा के नक्शे कदम पर भी चल रही है। जिसमें सभी मतदान केंद्र तक पहुंचना। पन्ना प्रभारी बनाना। पन्ना समिति सदस्यों की नियुक्ति करना, बूथ लेवल एजेंट और प्रभारी तैनात करना, और वोट प्रतिशत बढ़ाने की कवायद शामिल है। कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अब्बास हफीज का कहना है कि कांग्रेस में टिकट वितरण का आधार सर्वे और लोकप्रियता है जो कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करेगी।
भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी का कहना है कि कांग्रेस कोई भी मापदंड अपना ले चाहे किसी भी तरीके से टिकट वितरण करे, लेकिन कांग्रेस का हारना तय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हकीकत तो उस सर्वे में ही सामने आ चुकी है जिसका जिक्र कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने किया है।
गुटबाजी बड़ी चिंता

कांग्रेस आगामी विधानसभा में जीतने के लिए अनेक फार्मूला पर काम कर रही है लेकिन सबसे बड़ी चिंता गुटबाजी की है। कांग्रेस के सतना में आयोजित ओबीसी सम्मेलन में भी गुटबाजी देखने को मिली थी। भाजपा ने कांग्रेस की गुटबाजी पर भी निशाना साधा है। कांग्रेस में युवा नेताओं को मौका ना मिलने पर भी सवाल उठाए जाते हैं। क्या चुनाव से बहुत पहले टिकट घोषित करके कांग्रेस मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकेगी।

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