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03 April 2023

सूरत कोर्ट से राहुल गांधी को जमानत


 अहमदाबाद।
लोकसभा की सदस्यता गंवाने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी को सूरत की सेशन कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने निचली अदालत से मिली सजा के खिलाफ राहुल की अपील को मंजूर कर उन्हें 13 अप्रैल तक जमानत दे दी है। इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 3 मई तय की गई है। कोर्ट ने इसके साथ ही राहुल गांधी की नियमित जमानत भी मंजूर कर दी है।

 इससे पहले राहुल गांधी की तरफ से सूरत की कोर्ट में उनके वकील ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली अर्जी दाखिल की गई। दोपहर करीब तीन बजे राहुल गांधी कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान उनके साथ वकीलों की टीम के साथ ही तीन राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी भी सूरत आईं। वहीं कांग्रेस नेताओं को कोर्ट के बाहर ही रोक दिया गया था। वहीं अदालत से राहत मिलने के बाद राहुल गांधी आज ही दिल्ली लौट रहे हैं।

प्रियंका भी साथ आईं थी

कांग्रेस नेता सूरत कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए दिल्ली से बहन प्रियंका गांधी के साथ सूरत पहुंचे। राहुल गांधी के सूरत पहुंचने पर प्रदेशभर से कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी सूरत कोर्ट के बाहर जमा हुए थे। राहुल गांधी जब कोर्ट में पेश हुए तो उस वक्त राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद रहे। राहुल गांधी की तरफ से निचली अदालत के फैसले को 11 दिन के अंदर कोर्ट में चैलेंज किया गया।


अपील के लिए राहुल को मिला था एक महीने का वक्त

2019 के ‘मोदी सरनेम’ वाले बयान को लेकर अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी। उन्हें अपील के लिए 30 दिन का वक्त दिया गया था। आदेश के बाद राहुल की सांसदी भी चली गई थी। अगर ऊपरी अदालत सजा पर रोक नहीं लगाती है तो वह आठ साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। राहुल गांधी सूरत की सीजेएम कोर्ट के फैसले को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है। राहुल गांधी की तरफ अपील दाखिल होने से पहले राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने सूरत में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। इसमें गहलोत ने बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। गहलोत ने कहा कि बीजेपी बदले की भावना से विपक्ष नेताओं पर कार्रवाई कर रही है।

ये है मामला 

अदालत ने 52 वर्षीय राहुल गांधी को भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) और 500 (किसी व्यक्ति की आपराधिक मानहानि के दोषी व्यक्ति के लिए सजा) के तहत दोषी ठहराया था। अदालत ने राहुल गांधी को उसी दिन जमानत भी दे दी थी और उनकी सजा के अमल पर 30 दिन के लिए रोक लगा दी थी, ताकि वह ऊपरी अदालत में अपील दाखिल कर सकें। लोकसभा सचिवालय ने 24 मार्च को एक अधिसूचना जारी कर राहुल गांधी को संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया था।

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